भोपाल । मध्य प्रदेश के बड़वानी में न्यायालय ने महिला पटवारी के साथ दुष्कर्म के मामले में तत्कालीन एसडीएम सेंधवा और वर्तमान उज्जैन डिप्टी कलेक्टर अभय सिंह खराड़ी को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने खराड़ी को 10 साल के कठोर कारावास और 1 लाख 1 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोपी ने पीड़िता से यौन शोषण कर मारपीट और तेजाब डालने की धमकी भी दी थी।
न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को सभी गंभीर आरोपों में दोषी पाया और सजा सुनाई। न्यायालय के फैसले के बाद पुलिस ने डिप्टी कलेक्टर को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।
दरअसल, पीड़िता पटवारी के पद पर पदस्थ थी, जिसने साल 2024 में तत्कालीन SDM के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें बताया गया था कि अभयसिंह ने साल 2016 से 2024 तक अपने बंगले पर और बाद में 22 दिसंबर 2023 को रात करीब 10 बजे गायत्री कॉलोनी जुलवानिया स्थित उसके घर पर कई बार दबाव बनाकर जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान 4-5 बार बलात्कार किया गया। आरोपी ने एसडीएम के पद पर रहते हुए अपने प्राधिकारी का दुरुपयोग किया। 22 दिसंबर 2023 की रात को अभियोक्त्री के घर पर उसके साथ मारपीट की, साधारण चोटें पहुंचाई, अश्लील गालियां दीं और जान से मारने की धमकी भी दी थी। न्यायालय ने इन सभी आरोपों में खराड़ी को दोषी पाया।
अभियोजक शिवपाल सिंह सिसोदिया ने बताया कि महिला कर्मचारी ने 29 अप्रैल को शिकायत की थी। इसमें यह भी बताया गया कि आरोपी उसे ब्लैकमेल कर उसका कई बार यौन शोषण करता था। वह उसका रिश्ता तुड़वा देता था और तेजाब डालने की धमकी भी देता था।
शिकायत में यह भी उल्लेख था कि जब डॉ. अभय सिंह खराड़ी 2016 में बड़वानी के एसडीएम थे, तब उनकी पत्नी को महिला पटवारी और उनके संबंधों पर शक था। इस कारण उनकी पत्नी ने शासकीय कर्मचारी के परिवार से विवाद भी किया था। डॉ. खराड़ी के अपनी पत्नी से भी संबंध ठीक नहीं थे और अक्सर सार्वजनिक स्थानों पर उनके बीच विवाद होते रहते थे। उनकी पत्नी ने भी कई बार प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए डॉ. खराड़ी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया था।












