हरदा । जिले के टिमरनी तहसील के ग्राम छिदगांव स्थित बांसकारी टेक्नोलॉजी और कॉमन फेसिलिटी सेंटर पर कल 26 फरवरी शुक्रवार को हरदा बांसकारी उत्सव – 2026 का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन एमपीआईडीसी, सर्च एंड रिसर्च डेवेलपमेंट सोसाइटी, डीआईसीसीआई द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम में एक जिला एक उत्पाद बांस मेला, उद्यम विकास कार्यक्रम, एक्सपोर्ट कार्यशाला और खरीदार-विक्रेता संवाद का आयोजन होगा।
कार्यक्रम का उद्देश्य बांस से संबंधित सभी स्टेकहोल्डर को एक प्लेटफार्म पर लाना है । हरदा जिले मे एक जिला एक उत्पाद के तहत बांस को चुना गया है। बांस को प्रोत्साहित करने और बांस उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास भी इस कार्यक्रम के द्वारा किया जाएगा। बांस कलाकारों द्वारा बनाए गए बांस उत्पादों की प्रदर्शनी का शुभारंभ कलेक्टर सिद्धार्थ जैन द्वारा किया जाएगा।
कार्यक्रम में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार से बांस तकनीक एक्सपर्ट डॉ. श्याम विश्वनाथ, क्षेत्रीय प्रबंधक, एमपीआईडीसी हरदा, अध्यक्ष डिक्की मध्य प्रदेश, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, वन मंडल अधिकारी हरदा प्रमुख रूप से उपस्थित रहेंगे।
एमपीआईडीसी से शुभम गुप्ता ने बताया इस कार्यक्रम की विशेषता पारंपरिक कला के साथ तकनीक के समन्वय से तैयार उत्पादों को निर्यात करने के लिए निर्यात की जानकारी देना एवं निर्यात के लिए हैंडहोल्डिंग सपोर्ट प्रदान करना है। बांसकारी की संचालक, डॉ मोनिका जैन ने बताया कि कार्यक्रम में महिला एवं युवा उद्यमियों द्वारा सक्सेस स्टोरी प्रस्तुतीकरण, नेटवर्किंग, उद्यम विकास एवं एक्सपोर्ट मार्गदर्शन सत्र, खरीदार-विक्रेता संवाद के आयोजन से हरदा, रहटगांव, छिदगांव एवं टिमरनी क्षेत्र के 300 से 400 प्रतिभागी प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे।
उन्होने बताया कि बांसकारी केंद्र सर्च एंड रिसर्च डेवलोपमेंट द्वारा डिपार्टमेंट ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के सहयोग स्थापित किया गया है। पिछले ढाई वर्षों में इस केंद्र के माध्यम से 800 से अधिक लोगों को प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाया गया है। डॉ. जैन ने कहा कि बाँस जब कारीगरों के हाथों में आता है तो वह केवल एक वन उपज नहीं रहता, वह आकार लेता है, रचनात्मकता का, आत्मनिर्भरता का और सपनों का। इन्हीं सपनों को साकार करने की दिशा में यह कार्यक्रम एक सशक्त पहल है।












