हरदा। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के दल ने शुक्रवार को जिले के ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर किसानों की फसलों का निरीक्षण कर उपयोगी सलाह दी। इस दौरान उप संचालक कृषि, सहायक संचालक, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, कृषि प्रसार कार्यकर्ताओं एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों के दल ने जिले के ग्राम रहटगांव, खमगांव, कुसिया, गोदागांवकला, करताना, नौसर, ढोलगांवकला, पोखरनी, गोमगांव, हंडिया, हरदाखुर्द, अबगांवखुर्द, पिडगांव, बागरूल, कूकड़ापानी, हीवाला, मसनगांव सहित अन्य ग्रामों में किसानों की फसल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कहीं-कहीं फसलों में पीला मोजेक रोग पाया गया। किसानों को पीला मोज़ेक व सोयाबीन मोज़ेक रोग के नियंत्रण के लिए किसानों को प्रभावित पौधे के भाग को उखाड़ने, नष्ट करने और एसेटामिप्रिड 25 प्रतिशत $ बाइफेंथ्रिन 25 प्रतिशत डब्ल्यूजी 250 ग्राम प्रति हेक्टेयर का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। वैकल्पिक रूप से, आप थायमेथोक्सम $ लैम्ब्डा सायहलोथ्रिन 125 मिली प्रति हेक्टेयर या बीटासायफ्लुथ्रिन $ इमिडाक्लोप्रिड 350 मिली प्रति हेक्टेयर में से किसी एक को भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इनके छिड़काव से तना मक्खी का भी नियंत्रण भी किया जा सकता है।













