हरदा (सार्थक जैन) । मध्य प्रदेश में बिजली कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन ने जोर पकड़ लिया है। भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध मध्य प्रदेश बिजली कर्मचारी महासंघ के नेतृत्व में कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों के निराकरण हेतु चरणबद्ध प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन के तृतीय चरण में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन जिला मुख्यालय पर आयोजित किया गया । धरना प्रदर्शन में भारतीय मजदूर संघ के संभाग प्रभारी जितेन्द्र सोनी एवं जिलाध्यक्ष मुकेश धामनदे ने पहुंच कर आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार से बिजली कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग रखी।
ये है प्रमुख मांग –
बिजली कर्मचारी महासंघ के अनुसार, कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में संविदा कर्मियों का नियमितीकरण, वेतन विसंगतियों का निराकरण, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए कंपनी गठन, स्थानांतरण नीति का सरलीकरण, पेंशन संबंधी समस्याओं का समाधान एवं ग्रेच्युटी राशि में वृद्धि शामिल हैं। इसके अलावा, अनुकंपा नियुक्ति, न्यायालय के आदेशों का पालन तथा डिप्लोमा धारक कर्मियों को पदोन्नति देने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई है।
गौरतलब है कि आंदोलन के तहत 6 मार्च 2026 को मांगों का ज्ञापन सौंपा गया था, वहीं 16 मार्च को प्रदेश के सभी जिलों में आंदोलन की सूचना दी गई। इसके बाद आज 2 अप्रैल 2026 को जिला एवं कंपनी स्तर पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया।
बिजली आउटसोर्स कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र भाटी ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो 16 अप्रैल को राजधानी भोपाल में बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा और इसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल भी की जा सकती है।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान के लिए यह आंदोलन आवश्यक हो गया है। आंदोलन में प्रदेशभर के हजारों बिजली कर्मचारी शामिल होने की संभावना है, जिससे विद्युत सेवाओं पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
इस धरना प्रदर्शन में भारतीय मजदूर संघ के विभाग प्रमुख जितेंद्र सोनी, जिलाध्यक्ष मुकेश धामन्दे, जिला उपाध्यक्ष मुकेश निकुम, बिजली आउटसोर्स कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र भाटी, मध्य प्रदेश विद्युत कर्मचारी के जिला अध्यक्ष आलोक हरर्ले, उपाध्यक्ष गिरीश राठौर सहित और भी पदाधिकारी मौजूद थे।













