हरदा। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) की सक्रिय भागीदारी से मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 162 के अंतर्गत सड़क दुर्घटना पीड़ितों हेतु कैशलेस उपचार योजना – 2025 को अधिसूचित किया गया है।
इस योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को दुर्घटना की तिथि से अधिकतम 07 दिनों की अवधि तक कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। प्रत्येक पीड़ित को अधिकतम रु. 1.5 लाख तक का निःशुल्क उपचार निर्धारित अस्पतालों में प्राप्त होगा।
जिला हरदा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित कुमार मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपलब्ध कराना है, ताकि समय पर उपचार के अभाव में किसी भी घायल की जान न जाए।
उन्होंने आगे बताया कि पुलिस विभाग द्वारा जिले में आम नागरिकों को इस योजना की जानकारी देने हेतु व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। दुर्घटना की स्थिति में आमजन तुरंत डायल 112/108 या नजदीकी थाना/चौकी को सूचित करें, ताकि घायल को शीघ्र अस्पताल पहुँचाकर कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
जिला हरदा में निम्नलिखित अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध है –
• बघेल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, हरदा
• भगवती नर्सिंग होम, हरदा
• सिटी हॉस्पिटल, हरदा
• सिटी नर्सिंग होम, हरदा
• जेएमडी हॉस्पिटल, हरदा
• काका जी हॉस्पिटल, हरदा
• मां रेवा हॉस्पिटल, हरदा
• मंकर ट्रॉमा एंड मैटरनिटी केयर सेंटर, हरदा
• मिशाय नेत्रालय, हरदा
• ऑर्किड हॉस्पिटल एंड डायग्नोस्टिक सेंटर, खिरकिया
• प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मकड़ाई
• प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, नौसर
• प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, रनहाईकला
• प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सोनतलाई
• प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, रहटगांव
• प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मसनगांव
• रघुवंशी हॉस्पिटल, टिमरनी
• सद्भावना फ्रैक्चर हॉस्पिटल, हरदा
• श्री वेंकटेश हॉस्पिटल, हरदा
• श्री साई हॉस्पिटल, हरदा
• सोमानी हॉस्पिटल, हरदा
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित कुमार मिश्रा ने जिलेवासियों से अपील की है कि सड़क पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करें, हेलमेट व सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें तथा दुर्घटना की स्थिति में घायल व्यक्तियों की मदद के लिए आगे आएँ।












