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विधानसभा में तीसरे दिन भी विपक्ष का प्रदर्शन: ‘बंदर’ बनकर हाथ में ‘उस्तरा’ लेकर पहुंचे कांग्रेसी, BJP बोली- मीडिया में छपने के लिए कर रही नौटंकी

भोपाल । मध्य प्रदेश विधानसभा शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन भी कांग्रेस पार्टी ने प्रदर्शन किया। गुरुवार को कांग्रेस विधायक बंदर बनकर हाथ में उस्तरा लेकर पहुंचे। विपक्षी नेताओं ने हमला बोलते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार युवाओं, किसानों और महिलाओं के हक पर डाका डाल रही है। वहीं इस अनोखे विरोध प्रदर्शन पर बीजेपी ने पलटवार किया है।

एमपी विधानसभा के शीतकालीन सत्र का 4 दिसंबर, गुरुवार को तीसरा दिन रहा। विपक्ष ने तीसरे दिन भी जनता के मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक बीजेपी सरकार का बंदर बनकर पहुंचे। विपक्षी नेताओं ने कहा कि सरकार का बंदर हर वर्ग पर उस्तरा चला रहा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि लगातार भाजपा की सरकार युवाओं, किसानों और महिलाओं के हक पर डाका डाल रही है, इसलिए हम लोगों को प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

सवालों पर उठे सवाल, कांग्रेस ने कहा- घोटालों से बचने सरकार ने सवाल बदल दिए; गांधी प्रतिमा के सामने ‘सीरप कांड’ को लेकर किया प्रदर्शन

बीजेपी ने बोला हमला

विधानसभा में विपक्ष के हंगामे पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने पलटवार किया और कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र का मजाक उड़ाती है। न्यायपालिका का अपमान करती है। मीडिया में छपने के लिए नाटक कर रही है। उन्होंने पूछा कि जब कांग्रेस की सरकार थी, तब उनके मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, अर्जुन सिंह थे। क्या वह बंदर थे ? कांग्रेस सिर्फ मीडिया में छपने के लिए नौटंकी कर रही है।

पहले-दूसरे दिन भी किया था प्रदर्शन

आपको बता दें कि विपक्ष में बैठी कांग्रेस शीतकालीन सत्र के पहले दिन भी प्रदर्शन की थीं। विधानसभा में गांधी प्रतिमा के सामने ‘सीरप कांड’ को लेकर कांग्रेस विधायक सेना पटेल पूतना बनीं थीं और कहा था कि बच्चों की जान जा रही है, इसलिए पूतना बनकर प्रदर्शन करना पड़ा। वहीं सदन की कार्यवाही के दूसरे दिन किसानों के मुद्दे पर तख्तियां लेकर पहुंचे थे। जिनमें लिखा था- ‘किसानों की चिड़िया बन खेत चुग रही सरकार’, अन्य पोस्टर में लिखा था ‘किसान के नाम पर सत्ता टिकाई, अब उसी किसान को भावांतर में डुबाई’ और ‘मिट्टी में मिला सरकारी सपना, कर्ज में डूबना किसान अपना।’

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