- हरदा जिले का सबसे बड़ा प्रदर्शन बना, 21 सूत्रीय मांगों को लेकर नेहरू स्टेडियम में हजारों लोग धरने पर बैठे
- खुद का राजनीतिक दल बनाने की सहमति के बाद जीवन सिंह शेरपुर ने खोला अपना अनशन
हरदा (सार्थक जैन)। आज रविवार 21 दिसंबर को जिलामुख्यालय स्थित नेहरू स्टेडियम पर लाठीचार्ज के विरोध में शुरू हुआ करणी सेना का जनक्रांति न्याय आंदोलन देर शाम दोषी पुलिसकर्मियों की न्यायिक जांच के आदेश के बाद समाप्त हो गया । इसके साथ ही करणी सेना का यह जन क्रांति न्याय आंदोलन हरदा जिले के इतिहास का सबसे बड़ा जनआंदोलन बन कर सामने आया।
गौरतलब है कि गत 12–13 जुलाई को हुए लाठीचार्ज के विरोध और 21 सूत्रीय मांगों को लेकर हरदा के नेहरू स्टेडियम में करणी सेना के आव्हान पर सर्व समाज के हजारों लोग धरने पर बैठे थे। सुबह से शाम तक चले इस आंदोलन में भारी भीड़ उमड़ने से प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। नेहरू स्टेडियम खचाखच भर हुआ था । हर वर्ग और समाज के लोगों की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि आंदोलन अब केवल करणी सेना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सर्व समाज की आवाज बन चुका है। मंच से लगातार प्रशासनिक कार्रवाई, न्यायिक जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठती रही।
करणी सेना ने बड़ा ऐलान किया हैं। करणी सेना के प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर ने राजनीति में उतरने का रास्ता साफ किया। उन्होंने कहा कि सर्व समाज को शामिल कर राजनीतिक दल बनाएंगे। अब बाहर नहीं, बल्कि विधानसभा और लोकसभा में बात करेंगे। जीवन सिंह ने बताया कि 8 दिन से आमरण अनशन पर था, लेकिन साथियों ने कहा कि दल बनाकर अपनी बातों को पूरा कराना है। कोई राजनीतिक व्यक्ति आने को तैयार नहीं, तो हमने निर्णय लिया कि अपना दल बनाकर लोगों को विधानसभा में भेजेंगे और वहां अपना मांगों को पूरा कराएंगे।
वहीं राष्ट्रीय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने बताया कि आज से चार पांच महीने पहले हमारे बच्चों पर बर्बरता से लाठीचार्ज किया गया। इसे लेकर आज हम इक्ट्ठा हुए है। हमारी 21 सूत्रीय मांग भी है। अधिकारियों को हटाने की मांग थी, जिन्हें अभी लाइन हाजिर किया गया है। जो बहुत पहले करना चाहिए। उनपर मजिस्ट्रेट जांच बिठाई गई है, लेकिन समय नहीं बताया गया है। हमने भी कहा कि पूरा समय लीजिए, लेकिन वो गलत है तो दंडित करना और हटाना सरकार का काम है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि भोपाल हम घेर चुके हैं, अब दिल्ली घेरने की तैयारी हैं।
शाम को करणी सेना परिवार के एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से मुलाकात की। चर्चा के दौरान लाठीचार्ज की घटना में दोषी बताए जा रहे पुलिसकर्मियों को हटाने और उनके खिलाफ मजिस्ट्रियल जांच कराने का आश्वासन दिया गया। हालांकि करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने प्रशासन से सभी निर्णयों को लिखित आदेश के रूप में जारी करने की मांग की जिस पर कलेक्टर ने न्यायिक जांच के आदेश जारी किए । इसके बाद आंदोलन समाप्त किये जाने कि घोषणा की गई । 5 पुलिस वालों की न्यायिक जांच के आदेश जारी हुए है जिसमें पुलिसकर्मी अनिल गुर्जर, रिपुदमन राजपूत, संजू चौहान, तुषार धनगर और ललित गौड़ है।
करणी सेना परिवार की 21 सूत्रीय मांगों में लाठीचार्ज की न्यायिक जांच, दर्ज प्रकरणों की वापसी, आरक्षण और भर्ती प्रक्रिया में सुधार, आर्थिक आधार पर आरक्षण, किसानों से जुड़े मुद्दे, बिजली बिल और स्मार्ट मीटर, शिक्षा और रोजगार, महिला सुरक्षा, गो-संरक्षण, पूर्व सैनिकों और मीडिया कर्मियों से संबंधित प्रमुख मांगें शामिल हैं। आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जिले में पांच स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की थी। प्रदर्शन स्थल के साथ-साथ जिले के सभी प्रवेश और निकास मार्गों पर कड़ी निगरानी रखी गई। बाहर से बुलाए गए अतिरिक्त पुलिस बल के ठहराव के लिए शहर के करीब 30 होटल और धर्मशालाओं को प्रशासन के नियंत्रण में लिया गया है।











