पंचकल्याणक महामहोत्सव में दूसरे दिन गर्भकल्याण के अवसर पर महिला मंडल ने दी जैन रामायण की अद्भुत प्रस्तुति
हरदा। टिमरनी नगर में पहली बार आयोजित किए जा रहे श्रीमज्जिनेन्द्र पंचकल्याण प्रतिष्ठा एवं विश्व शांति महायज्ञ महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को गर्भ कल्याणक उत्तर रूप आयोजित किया गया। जिसमें भगवान आदिनाथ भगवान के नाट्य रूपांतरित माता बनी आरतीदेवी जैन की गोद भराई गई। गोदभराई के दौरान सैकड़ों महिलाओं ने नारियल का गोला, काजू, बादाम और किशमिश भेंट किए। गोद भराई कार्यक्रम से पूर्व सुबह 6 बजे पूजन एवं गर्भ कल्याणक पूजन एवं यज्ञ का आयोजन किया गया। इसके पश्चात भगवान का अभिषेक और शांति धारा का आयोजन किया गया। तत्पश्चात मुनिश्री निर्णयसागर महाराज ने मंगल दिव्य प्रवचन दिए और ईश्वर एवं आस्था का महत्व समझाया। मुनिश्री ने भावों कि विशुद्ध ओर उसके परिणामों का फल बताया ।
रविवार को आयोजित किए गए गर्भ कल्याणक उत्तररूप आयोजन के तहत जैन समाज की महिलाएं परंपरागत तरीके से सज-धजकर भगवान आदिनाथ के माता-पिता आरती देवी-संतोष कुमार जैन को एरावत हाथी पर विराजितकर उनके निज निवास से आयोजन स्थल अमृतश्री कॉलेज तक लेकर पहुंचे। चल समारोह के दौरान महिलाएं पूरे जोश और उत्साह के साथ नाचते-गाते हुए पहुंची। शोभा यात्रा जब कार्यक्रम स्थल अयोध्या नगरी पहुंची तो हर्ष और उल्लास रत्नों की वर्षा के साथ सौधर्मेन्द्र के नाटक रूप नवनीत जैन, अर्चना जैन भादूगांव ने राज दरबार लगाकर स्वागत किया। तत्पश्चात आरती एवं शास्त्र सभा के बाद महाराजा नाभिराय दरबार, स्वप्रफलादेश, छप्पन कुमारियो एवं अष्ट देवियों द्वारा सेवा तथा श्रंगार आदि किया गया। आधी रात तक चले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बच्चों ने मनोरंजक एवं भक्ति पूर्ण कार्यक्रम प्रस्तुत किये तो वहीं टिमरनी नगर महिला मंडल नै जैन रामायण की अद्भुत प्रस्तुति दि।
आयोजन में छाया रहा श्रद्धा का उत्साह
श्री 1008 मज्जिनेद्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं विश्व शांति महायज्ञ महोत्सव के आयोजन में हरदा जिले ही नहीं नर्मदापुरम, देवास, ललितपुर, विदिशा, बैतूल सहित आसपास के जिलों के आगंतुक महोत्सव में शामिल हो रहे हैं।
पंचकल्याणक महोत्सव के संबंध में आयोजन समिति के अध्यक्ष आलोक जैन एवं मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेन्द्र जैन ने बताया कि अनादि अनिधन श्रीमत दिगंबर जैन संस्कृति में जिनालयों का जीर्णोद्धार, संरक्षण एवं संवर्धन आगमोक्त व्यवस्था है। जिनालयों के निर्माण एवं प्रतिष्ठा आदि महोत्सव से भी जिनेंद्र की उपासना आदि से मोक्षमार्ग का निमित्त भव्य जीवो के लिए मुक्ति मार्ग का दिग्दर्शन नवोदित पीढ़ी में जैन संस्कारों की स्थापना के साथ जिन प्रतिमा दर्शन रूप दर्पण से आत्म दर्शन की प्रेरणा एवं श्री जिनशासन की तथा आत्म प्रभावना का मार्ग प्रशस्त होता है।
पंचकल्याणक समिति के कोषाध्यक्ष राजीव जैन नै बताया कि पंचकल्याणक महोत्सव में आज प्रथम कलश एवं शांतिधारा का सौभाग्य आदित्य जैन तैन्दूखैड़ा, द्वितीय शांतिधारा का सौभाग्य विरेन्द्र जैन हरदा एवं महाआरती का सौभाग्य संतोष आरती देवी, श्रीवत्स जैन श्री किराना परिवार टिमरनी परिवार को प्राप्त हुआ। पंचकल्याणक महोत्सव में विधायक आर के दोगने, अभिजीत शाह नै पहुंच कर मुनिश्री को श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया । नगर पंचायत अध्यक्ष देवेंद्र भारद्वाज सहित काफी जनप्रतिनिधि भी पधारे।इस अवसर पर दोनों विधायगणों ने श्रृद्धालुओं के एक – एक दिन के भोजन के पुर्ण्याजक बनने का सौभाग्य प्राप्त किया ।













