म.प्र.पटवारी संघ रतलाम द्वारा अपनी मांगों को लेकर आज ईशप्रेम बस्ती में निराश्रितों को भोजन करवाया

अनूठा विरोध पटवारियों का… : अपनी मांगों को लेकर ईशप्रेम बस्ती में निराश्रितों को करवाया भोजन

निराश्रितों से मांगा आर्शीवाद, सरकार जल्दी पूरी करें पटवारियों की मांग

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लोकमतचक्र.कॉम।

रतलाम : पटवारियों ने आज अनूठा विरोध दर्ज करवाया, जिसमे अपनी मांगों को लेकर ईशप्रेम बस्ती में निराश्रितों को भोजन करवाया ओर निराश्रितों से  आर्शीवाद मांगा कि सरकार जल्दी पूरी करें पटवारियों की मांग…। मध्यप्रदेश पटवारी संघ द्वारा अपनी मांगों को लेकर 10/08/2021 से प्रदेश व्यापी अनिश्चितकालीन कलमबंद आंदोलन किया जा रहा है। पटवारी संघ द्वारा उसी तारतम्य में जिले के पटवारियों द्वारा आज हड़ताल के पन्द्रहवें दिन अपनी मांगों को लेकर धोलावड रोड स्थित ईशप्रेम बस्ती में निराश्रितों को भोजन करवाया गया।

पटवारी संघ जिला मीडिया प्रभारी मोहित सिंह द्वारा बताया गया कि पटवारी संघ द्वारा आज धोलावड रोड स्थित ईशप्रेम बस्ती में निराश्रितों को भोजन कराया गया। जिलाध्यक्ष ध्रुवलाल निनामा व पटवारी देवीसिंह निनामा,राजेश भाटी,मुन्नालाल वसुनिया,ऋषिराज पंवार,कैलाश बढख्या,पलाश मकवाना,सरोज बवरासी,मंजू कटारा,निर्मल मग,सुनील वर्मा,कमलेश तिवारी,अनुग्रह कटारा,संतोष राठौर,अम्बालाल पाटीदार,उमेश बैरागी,शैलेन्द्र व्यास,मोहित सिंह,धीरज परमार, कपिल चौबे,दीपक राठौड़,वीरेन्द्रसिंह सोलंकी,राजेश भाटी,भुपेंद्र चावड़ा,अर्जित सक्सेना,संदीप केलवा,रितेश साँसरी,बाबुलाल मुनिया,,टीकम सिंह,ओमप्रकाश डोडियार,निर्मल मग आदि उपस्थित रहे।

*पटवारी संघ की मांगें न्यायोचित कारणों सहित निम्न हैं:*

*1.पटवारी संवर्ग का ग्रेड पे 2800 किया जाए जिसके आधार अग्रलिखित हैं:*

*(१) राजस्व विभाग के विभिन्न कर्मियों के ग्रेड पे में शासन द्वारा विसंगति उत्पन्न की गई:-*

   — पूर्व में पटवारी का ग्रेड पे 2100 रुपए था, यह आज भी 2100 ही यथावत है।

  — पूर्व में RI का ग्रेड पे 2100 था, अब 2800 है।

  — पूर्व में नायब तहसीलदार का ग्रेड पे 2800 था जो अब 3600 हो चुका है।

  — पहले तहसीलदार का ग्रेड पे 3200 था, यह अब बढ़कर 4200 हो चुका है।

उपर्युक्त विश्लेषण से यह स्पष्ट है कि पटवारी-राजस्व निरीक्षक-नायब तहसीलदार-तहसीलदार के ग्रेड पे अंतराल पहले 300-400-400 था जोकि सामान्य था, अब यह अंतराल 700-800-600 है जोकि असामान्य एवं अन्यायपूर्ण है। साथ ही केवल पटवारी का 22 वर्षों से जस का तस है, बाकी सबका बढ़ चुका है।

*(२) पूर्व में पटवारी पद की योग्यता* हायर सेकंडरी थी, अब स्नातक हो गई है। साथ ही Web GIS जैसे साफ्टवेयर एवं सारा ऐप और उस पर पीएम किसान जैसे कार्यों को संचालित करने के लिए कम्प्यूटर में विशिष्ट तकनीकी योग्यता की आवश्यकता है। अतः कार्य की प्रकृति और न्यूनतम योग्यता के मानक उच्च होने के कारण भी ग्रेड पे का उन्नयन किया जाना अत्यावश्यक है।

*(3)* माननीय राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत जी द्वारा 2019 में मुख्यमंत्री महोदय की ओर प्रेषित संक्षेपिका जावक क्रमांक 4498 दिनांक 06/10/2019 में स्पष्ट किया गया है कि ” आपसे कृत चर्चा एवं प्राप्त निर्देशानुसार पटवारी संघ के प्राधिकारियों को आश्वस्त किया गया कि उनकी मांगों का 6 माह में युक्तियुक्त रूप से निराकरण कर दिया जाएगा।” संक्षेपिका की छायाप्रति अवलोकनार्थ संलग्न है।

*2. समयमान संबंधित मांग:* पटवारी की आर्थिक पीड़ा समयमान की भी है, जो प्रत्येक 10 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर प्राप्त होता है। रजि पत्र (असाधारण) में जारी आदेशानुसार, 10 वर्ष की सेवा पर प्राप्त होने वाला समयमान सन्निकट उच्च पद के ग्रेड पे के समान होना चाहिए। तदनुसार पटवारी को पहला समयमान 2800, दूसरा 3600 एवं तीसरा 4200 मिलना चाहिए, किंतु वर्तमान में पहला 2400, दूसरा 2800 तीसरा 3200 मिल रहा है जो क्रमशः राजस्व निरीक्षक-नायब तहसीलदार-तहसीलदार को पूर्व में प्राप्त ग्रेड पे के बराबर है। जबकि यह वर्तमान के इनके ग्रेड पे के तुल्य होना चाहिए। यह विसंगति पटवारियों का आर्थिक शोषण करती है।

*3. गृह जिले में स्थानांतरण की समस्या:* अत्यल्प वेतन में 700-800 किमी. दूर नौकरी करते हुए परिवार का भरण पोषण दुष्कर हो रहा है। साथ ही पटवारी का पद जिला कैडर का था, अतः पूर्व की भांति गृह तहसील के बाहर लेकिन गृह जिलों के अंदर स्थानांतरण एवं पदस्थापना संबंधित नीति का आदेश जारी किया जाए।

*4. CPCT:* पटवारी पद पर नियुक्त नवीन पटवारी पूर्व से कम्प्यूटर डिप्लोमाधारी हैं, एवं दक्षतापूर्वक पिछले तीन वर्षों से लगातार विभागीय एवं गैर विभागीय कार्य कर रहे हैं। जिसमें CPCT धारक एवं गैर CPCT धारक के कंप्यूटर संबंधित कार्यों में कोई अंतर नहीं है। इस कारण से पटवारियों को इंक्रीमेंट के आर्थिक लाभ से वंचित किया जा रहा है। साथ ही कोरोना काल में इसकी परीक्षाएं भी आयोजित नहीं की गईं। 10वीं, 12वीं एवं स्नातक जैसी परीक्षाओं में भी पूर्व परफार्मेंस के आधार पर जनरल प्रमोशन दिया गया है, तो यहां भी पिछले तीन वर्षों के दक्षतापूर्ण परर्फोमेंस के आधार पर जनरल प्रमोशन दिया जाना चाहिए।

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