राजस्व अभिलेखों में सुधार के लिये मनाया जा रहा है शुद्धिकरण पखवाड़ा

राजस्व अभिलेखों में सुधार के लिये मनाया जा रहा है शुद्धिकरण पखवाड़ा

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लोकमतचक्र.कॉम।

हरदा / मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर प्रदेश के सभी जिलों में 1 से 15 नवम्बर तक राजस्व अभिलेखों में त्रुटियों को दूर करने के लिये प्राथमिकता के आधार पर शुद्धिकरण पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इस विशेष अभियान का उद्देश्य राजस्व अभिलेखों में भिन्नता के कारण दिन-प्रतिदिन आम जनता को आने वाली परेशानियों को दूर करने के लिये अभिलेखों में पूरी गंभीरता से सुधार के कार्य को एक साथ पूरे प्रदेश में करना है। कलेक्टर संजय गुप्ता ने बताया कि राजस्व अभिलेखों में त्रुटि के कारण भूमि स्वामियों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था इसलिये यह अभियान प्रारम्भ किया गया है। उन्होंने बताया कि राजस्व अभिलेखों में क्षेत्रीय शब्दों के उपयोग के कारण एकरूपता नहीं रहती थी। साथ ही अभिलेख में भूमि स्वामी के प्रचलित नाम दर्ज होने और आधार-कार्ड में वास्तविक नाम दर्ज होने के कारण भिन्नता रहती थी। इसके अलावा नामांतरण एवं बँटवारा प्रकरणों में भी क्षेत्रीय कर्मचारियों को परेशानी आती थी। बैंक से ऋण प्राप्त करने, प्रधानमंत्री किसान एवं फसल बीमा जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का भी भूमिधारक लाभ नहीं ले पा रहे थे।

तीन स्तरों पर हो रहा शुद्धिकरण

कलेक्टर श्री गुप्ता ने बताया कि अभिलेख शुद्धिकरण के लिये राज्य स्तर, जिला स्तर व किसान के स्तर पर त्रुटियों का सुधार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य-स्तर पर खसरा क्षेत्रफल सुधार-शून्य रकबा, रिक्त भूमि स्वामी, सक्रिय मूल एवं बटांक, मिसिंग खसरा, भूमि का प्रकार एवं भूमि स्वामी का प्रकार और अल्फा न्यूमेरिक खसरा सुधार जैसी अशुद्धियों को दूर किया जा रहा है। जबकि जिला-स्तर पर फौती नामांतरण, खसरा रकबा एवं अन्य नक्शा संबंधित प्रकरणों का सुधार एवं डायवर्सन डाटा एन्ट्री में अभिलेखों में सुधार किया जा रहा है। तीसरे तथा अंतिम किसान स्तर पर होने वाली अशुद्धियाँ, भूमि स्वामी के नाम में सुधार एवं अन्य प्रकार की आने वाली अनेक त्रुटियों को इस पखवाड़े में सुधारा जा चुका है।

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