भोपाल । कागज पर लिखा कभी मिटता नहीं वो सालों साल तक सुरक्षित रहता है और जब इस पर जानकार की नजर पड़ती है तो सच्चाई सामने आ जाती है । वैसे अब तो जमाना डिजिटलाईजेशन का आ गया है सरकारी कागजात सब स्कैन किये जाकर आनलाईन किये जा रहे है जिससे आने वाले समय में भ्रष्टाचार के ओर मामले खुलेंगे । ताजा मामले में मऊगंज जिले के हनुमना तहसील क्षेत्र में राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी किए जाने के पंद्रह साल पुराने मामले में एफआईआर दर्ज हुई है।
पहाड़ी वृत्त के नायब तहसीलदार बुद्धसेन मांझी की शिकायत पर हनुमना पुलिस ने बीएनएस की धारा के तहत तत्कालीन पटवारी यशोदानंदन दीपांकर पिता महेश प्रसाद, सेवानिवृत्त पेशकार मिथिला प्रसाद पिता सुमंतराम, तत्कालीन कंप्यूटर ऑपरेटर सीएस पटेल (चंद्रसेन पटेल), रवीन्द्र पिता स्वामीशरण, निवासी पैतिहा जिला प्रयागराज (उप्र), भगोले पिता रामदास नाई एवं लछिमन पिता भगोले निवासी कोलहा जिला मऊगंज को आरोपी बनाया है। पुलिस अब यह पता लगाएगी कि इस तरह की हेराफेरी किए जाने की वजह क्या रही है।











