भोपाल । प्रदेश सरकार सरकारी कर्मचारियों के कार्यदिवस बढ़ाने के लिए गैर-जरूरी छुट्टियों में कटौती पर विचार कर रही है। पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक कारणों से नई छुट्टियां बढ़ाई गई, जिससे कर्मचारियों के कार्यदिवस घटकर 168 और छुट्टियां बढ़कर 197 हो गई। मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के कार्यदिवस बढ़ाए जाने और गैर-जरूरी छुट्टियों में कटौती की संभावना पर आईएएस अधिकारी मंथन कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य कार्यक्षमता बढ़ाना है। प्रदेश में कर्मचारियों को अभी कितने दिन की छुट्टी मिलती है, इसकी जानकारी विस्तृत अवकाश नियमों पर निर्भर करती है जो अलग-अलग हो सकते हैं।
सरकार ने इस पर समीक्षा के लिए गृह, वित्त, राजस्व और सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिवों की चार सदस्यीय कमेटी बनाई है। कमेटी ने काम शुरू कर दिया है और कोविड-काल में लागू की गई शनिवार की छुट्टी (फाइव डे वर्किंग) खत्म करने पर भी विचार हो रहा है। साथ ही धार्मिक आधार पर दी जाने वाली छुट्टियों को केवल संबंधित वर्ग तक सीमित करने का सुझाव भी सामने आया है।
सामान्य प्रशासन विभाग के मुताबिक वर्तमान में कर्मचारियों को 30 दिन आपातकालीन अवकाश, 20 चिकित्सा अवकाश, 13 अनिवार्य छुट्टियां, 52 शनिवार, 52 रविवार, 27 सरकारी अवकाश, 3 वैकल्पिक और जिला स्तर पर कलेक्टर द्वारा घोषित 3 अतिरिक्त अवकाश मिलते हैं। महिला कर्मचारियों को 6 माह का मातृत्व अवकाश भी मिलता है।
प्रस्तावित बदलाव का उद्देश्य:
- कार्यदिवसों में वृद्धि : गैर-जरूरी छुट्टियों को कम करके और कार्यदिवस बढ़ाकर सरकारी कर्मचारियों की कार्यक्षमता और उत्पादकता बढ़ाने का लक्ष्य है।
- कुशल संचालन : सरकारी काम को सुचारू और कुशल बनाने के लिए छुट्टियाँ कम की जा रही हैं।













