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काम में देरी बर्दाश्त नहीं, मुख्यमंत्री ने भरी मीटिंग में तहसीलदार, सीएमओ सहित 4 अफसरों को किया सस्पेंड, सिवनी के टीआई -एसडीओपी को नोटिस

भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनता के काम में लापरवाही करने वाले 4 अफसरों को समाधान आनलाईन बैठक में सस्पेंड कर दिया। इनमें रीवा के तहसीलदार, मऊगंज नगर पंचायत के सीएमओ और सब-इंजीनियर भी शामिल हैं। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लोगों की समस्याओं के निराकरण की समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं का लोगों को लाभ मिलने में देरी पर नाराजगी जताई।सीएम ने कहा कि जो काम करना है, उसमें देरी बर्दाश्त नहीं। सीएम ने एफआईआर दर्ज नहीं करने के मामले में सिवनी के टीआई और एसडीओपी को भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को समाधान ऑनलाइन में लापरवाही बरतने वाले 20 अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। इनमें निलंबन और कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। सीएम ने पेयजल आपूर्ति में गड़बड़ी करने वाले ठेकेदारों पर जुर्माना लगाने के भी आदेश दिए। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, एसीएस डॉ. राजेश राजौरा सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। सभी जिलों के कलेक्टर और एसपी भी ऑनलाइन जुड़े।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल प्रबंधन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। लापरवाही बरतने पर तीन मामलों में कार्रवाई की गई है।

इन पर कि कार्यवाही –

राजेंद्र शुक्ल, तहसीलदार, जवा (रीवा) : एक रहवासी की भैंस मरने के बाद आरबीसी 6(4) के तहत दी जाने वाली आर्थिक सहायता नहीं दी।

महेश पटेल, प्रभारी सीएमओ, नपं (मऊगंज): मऊगंज कस्बे के वार्ड नंबर 1 की एक कॉलोनी में पिछले तीन महीनों से पानी की सप्लाई बाधित थी। सीएम हेल्पलाइन में शिकायत हुई थी।

राजेश प्रताप सिंह, उपयंत्री, नपं (मऊगंज) : नगर पंचायत के उपयंत्री राजेश प्रताप सिंह पर पेयजल आपूर्ति में लापरवाही बरतने का आरोप है।

छिंदवाड़ा जिले में कपिलधारा योजना में कुंआ बनाए जाने के मामले में पेमेंट नहीं होने पर सचिव को निलंबित किया गया है।

सिवनी जिले में बच्चे, बच्चियों, महिलाओं के गुम होने और अपहरण के मामले में एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने के मामले में टीआई और एसडीओपी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

सीहोर जिले के भंवर सिंह पटेल ने बरखेड़ी पंचायत में पानी न पहुंचने की शिकायत की थी। इस पर ठेकेदार फर्म विश्वा पर 37,469 रुपए का जुर्माना लगाया गया।

मऊगंज के सुनील कुमार साहू की शिकायत थी कि डेढ़ साल से टूटी पाइप लाइन ठीक नहीं हुई। इस पर ठेकेदार केएनके कंपनी को तत्काल मरम्मत करने के आदेश दिए गए। इसी मामले में परियोजना इकाई में पदस्थ फील्ड इंजीनियर को बर्खास्त कर दिया गया।

शिकायत को गंभीरता से नहीं लेने पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी, अर्बन डेवलपमेंट कार्पोरेशन के उपयंत्री, परियोजना प्रबंधक और सहायक परियोजना प्रबंधक को नोटिस जारी किया गया।

छिंदवाड़ा की दुर्गाबाई विश्वकर्मा की शिकायत थी कि कूप निर्माण का कार्य समय पर नहीं हुआ। इस पर जनपद सीईओ और सहायक यंत्री की दो वेतनवृद्धियां रोकने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। ग्राम रोजगार सहायक को बर्खास्त किया गया, जबकि पंचायत सचिव को तत्काल निलंबित कर दिया गया।

खंडवा में निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना की राशि समय पर न मिलने पर सामाजिक न्याय विभाग के उप संचालक, जिला कोषालय अधिकारी और निःशक्त कल्याण शाखा प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। सामाजिक सुरक्षा अधिकारी, जनपद पंचायत खालवा को भी नोटिस दिया। सामाजिक न्याय विभाग के उप संचालक पर पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।

विदिशा जिले में मुद्रा योजना में लाभ नहीं दिए जाने पर सीएमओ को नोटिस दिया गया। साथ ही लीड बैंक मैनेजर के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए लीड बैंक को लिखा गया है।

टीकमगढ़ जिले में बकरी पालन के अनुदान की फाइल गायब हो गई थी। इस मामले में समाधान ऑनलाइन में मामला आने के बाद आनन फानन अनुदान दिया गया है।

गौरतलब है कि सीएम डॉ. यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय में समाधान ऑनलाइन की बैठक ली थी । उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लोगों की समस्याओं के निराकरण की समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं का लोगों को लाभ मिलने में देरी पर नाराजगी जताई। इस वर्चुअल बैठक में प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, आईजी, कमिश्नर और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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