मध्य प्रदेश के हरदा जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग में पदस्थ सब-इंजीनियर ज्योति महोविया ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ज्योति महोविया पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थीं। बताया जा रहा है कि उन्होंने कुछ महीनों पहले भी आत्महत्या का प्रयास किया था, जिसके बाद उनका उपचार चल रहा था। हालांकि, इस बार उन्होंने यह गंभीर कदम उठा लिया।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही, मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है, जिसमें पारिवारिक, सामाजिक और कार्यस्थल से जुड़े कारणों को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या के पीछे के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल, पुलिस परिजनों और संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है। सोमवार सुबह जिला अस्पताल में तीन डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमॉर्टम किया। इसके बाद शव परिजन को सौंप दिया गया।
जानकारी के अनुसार सिद्धि विनायक कॉलोनी में किराए के मकान में रहने वाली पीएचई विभाग में कार्यरत ज्योति महोबिया 6 अगस्त 2025 को जहरीली दवा खाकर आत्महत्या की कोशिश कर चुकी थीं। उस समय उन्हें बेहोशी की हालत में पहले जिला अस्पताल और फिर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
तलाकशुदा थीं, 1 साल पहले हरदा में नियुक्ति
ज्योति महोबिया मूल रूप से बैतूल जिले के पाडर की रहने वाली थीं और तलाकशुदा थीं। उनकी नियुक्ति साल 2014 में पीएचई विभाग में हुई थी। वह आठ साल से हरदा कार्यालय में अटैच थीं। एक साल पहले ही उनकी हरदा में स्थायी नियुक्ति हुई थी।
शनिवार शाम को अपने गांव से हरदा लौटी थीं
एसडीओपी शालिनी परस्ते ने बताया कि शनिवार शाम को ही ज्योति अपने गांव से हरदा लौटी थीं। उन्हें छोड़कर उनके भाई वापस चले गए थे। रविवार शाम को ज्योति के परिजन ने लगातार मोबाइल पर उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। इसके बाद परिजन ने पड़ोस में रहने वाले लोगों से संपर्क किया।













