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तालाब में खिला ‘कमल’, बदली किस्मत: जल गंगा अभियान से नौसर के युवा किसान शुभम की सफलता की कहानी

हरदा (सार्थक जैन)। ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ अब केवल जल संरक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला अभियान बनता जा रहा है। इसका सशक्त उदाहरण टिमरनी तहसील के ग्राम नौसर में देखने को मिला, जहां युवा किसान शुभम ने अपनी मेहनत और नवाचार से समृद्धि की नई कहानी लिख दी।

दरअसल, पिछले वर्ष शुभम ने ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत अपने खेत के तालाब का जीर्णोद्धार कराया और जल संरक्षण के कार्य किए। इस पहल का परिणाम आज साफ नजर आ रहा है—तालाब पानी से लबालब है और यही पानी अब उनकी आय का मजबूत आधार बन गया है।

पानी की उपलब्धता का सही उपयोग करते हुए शुभम ने अपने तालाब में कमलकंद की खेती शुरू की। आज उनके तालाब में खिले कमल न सिर्फ प्राकृतिक सौंदर्य बढ़ा रहे हैं, बल्कि अच्छी आमदनी का जरिया भी बन चुके हैं। कम लागत में बेहतर मुनाफा मिलने से शुभम का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन गए हैं।

शुभम ने अपनी सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को देते हुए आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने न केवल भू-जल स्तर को सुधारा है, बल्कि किसानों को नई सोच और नवाचार के लिए प्रेरित किया है।

उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील की है कि 19 मार्च 2026 से पुनः शुरू हो रहे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। शुभम का कहना है, “जल की हर बूंद अनमोल है। आज यदि हम जल बचाएंगे, तभी भविष्य सुरक्षित और समृद्ध होगा।”‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ अब गांव-गांव में उम्मीद की किरण बनकर उभर रहा है, जो किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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