हरदा(सार्थक जैन)। जिले के अनेकों स्थानों पर गेहूं की खड़ी फसल में आग लगने के कारण लगभग 50 से 55 एकड़ क्षेत्र में लाखों रूपए की फसल का नुकसान हो गया है । गत तीन चार दिनों से फसल में आग लगने के मामले आ रहे थे। आज छीपावड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत छिपाबड़, मांदला ग्राम में रविवार दोपहर अचानक भीषण आग लगने से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते करीब 50 से 60 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख में तब्दील हो गई। इस घटना से क्षेत्र के किसानों को लाखों रुपये का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं हंडिया तहसील के रातातलाई एवं अतरसमा में भी गेहूं की फसल में आग लगने के कारण 5 एकड़ में गेहूं की फसल जल कर राख हो गई ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार छिपाबड़ में दोपहर करीब 1 बजे खेतों की ओर से धुआं उठता दिखाई दिया, जिसके बाद देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। तेज हवा के कारण आग तेजी से आसपास के खेतों में फैल गई और कई किसानों की खड़ी फसल इसकी चपेट में आ गई। कुछ ही मिनटों में हरे-भरे खेत काली राख में बदल गए।
इसी दौरान सूचना मिलने पर दमकल विभाग की दो फायर ब्रिगेड गाड़ियां भी मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों और ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक कई एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह जल चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। प्रशासन द्वारा खेतों का निरीक्षण कर नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया गया है। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक किसानों को भारी आर्थिक क्षति हुई है। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है।
वहीं प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने का कारण खेत में चल रही भूसा बनाने वाली मशीन से निकली चिंगारी को बताया जा रहा है। आग लगने से खेतों में खड़ी फसल और अवशेष को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय किसानों का कहना है कि जिस भूसा मशीन से भूसा बनाया जा रहा था, उसी के कारण आग लगी। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि उक्त भूसा मशीन किसकी थी और उसे कौन संचालित कर रहा था इसकी जांच कर संबंधित संचालक के खिलाफ नियम अनुसार कार्रवाई की जाए तथा प्रभावित किसानों को उचित हर्जाना दिलाया जाए। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है और नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
हंडिया तहसील के अतरसमा ग्राम के मामले में किसान द्वारा आरोप लगाते हुए कहा कि दोपहर 11 बजे हरदा इंदौर नेशनल हाईवे पर हरदा से 6 किलोमीटर की दूरी पर हंडिया की ओर भांबूजी के वेयरहाउस के सामने ग्राम अतरसमा के किसान ओमप्रकाश जाट के 6 एकड़ खेत में खड़ी गेहूं की फसल विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण 33 के वी विद्युत लाइन से जलि है।
ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जिन किसानों की फसल आग में जलकर नष्ट हो गई है, उन्हें सरकार की ओर से शीघ्र मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके। मौका पर राजस्व विभाग के पटवारी ओर राजस्व निरीक्षक ने पहुंच कर पंचनामा रिपोर्ट करवाई कि गई है । तहसीलदार हंडिया विरेन्द्र उईके ने पटवारियों को तत्काल रिपोर्ट किए जाने के लिए पाबंद किया है।
सभी ग्रामीण ये करें प्रारंभिक उपाय – लगभग हर गांव में पानी के टैंकर उपलब्ध है, अगले एक दो हफ़्ते पानी की टैंकर भरकर तैयार रखें, बिजली के तार, डीपी के पास स्पार्किंग , हार्वेस्टर या भूसा मशीन से चिंगारी हो तो हर किसान के पास दवाई का पावर पंप एवं ट्रैक्टर पंप बड़ा वाला उपलब्ध है उसे भी भरकर तैयार रखें ताकि किसी भी प्रकार की कोई समस्या आने पर फायर ब्रिगेड के पहुंचने तक सहयोग मिल सके।













