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अफसरों के अड़ियल रवैये से तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हो रहे परेशान, जांच करें : हाई कोर्ट ने कैबिनेट को दिया आदेश

ऐसा केस नहीं आया, जिसमें प्रथम-द्वितीय श्रेणी अफसर वेतन-पदोन्नति के मामले लेकर कोर्ट पहुंचे: हाई कोर्ट

भोपाल। मध्यप्रदेश की इंदौर हाईकोर्ट ने प्रदेश के तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी परेशानियों पर कैबिनेट को आदेश देते हुए कहा है कि अफसरों के अड़ियल रवैये से तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी परेशान हो रहे है, कैबिनेट इस पर कार्यवाही करें। हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने राज्य मंत्रिमंडल से सवाल किया है कि उच्च अधिकारियों के गलत और अड़ियल रवैये के कारण तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का उत्पीड़न क्यों हो रहा है? कोर्ट ने इस मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

प्रशासनिक जज विवेक रूसिया और जस्टिस गजेंद्र सिंह की खंडपीठ ने कहा कि हमारे सामने कई मामले आए हैं, जिनमें विभिन्न विभागों के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी वरिष्ठ अधिकारियों के फैसलों से प्रभावित हुए हैं। अधिकतर मामले बढ़ा हुआ वेतनमान वापस लेने, सेवानिवृत्ति के समय वसूली, समान लाभ न देने और पदोन्नति में देरी से जुड़े होते हैं।

कोर्ट ने कहा कि अब तक ऐसा कोई मामला नहीं आया है, जिसमें प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारी इस तरह के विवाद लेकर हाई कोर्ट पहुंचे हों। मंत्रिपरिषद को विचार करना चाहिए कि निचले कर्मचारियों को ही क्यों परेशान किया जा रहा है। इससे कोर्ट का बहुमूल्य समय भी बर्बाद हो रहा है ।

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