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सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों की अब खैर नहीं है, जुर्माना ओर सजा दोनों का प्रावधान

सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों की अब खैर नहीं है। केंद्र सरकार ने सरकारी परिसरों पर अवैध रूप से कब्जा करने वालों के लिए कड़े दंड का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत कहा गया है कि पहले महीने में संबंधित संपत्ति के लाइसेंस शुल्क का 40 गुना जुर्माना देना होगा, जो इसके बाद हर महीने 10 प्रतिशत की दर से बढ़ता जाएगा।

केंद्र सरकार का यह प्रावधान जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026 का हिस्सा है, जिसे वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने शुक्रवार को लोकसभा में पेश किया।प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक गैर-आवासीय भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करते पाया जाता है, तो उसे छह महीने तक की जेल या भूमि के मूल्य का हर वर्ष के हिसाब से पांच प्रतिशत तक का जुर्माना या दोनों सजा दी जा सकती है।

यह कदम सरकारी परिसरों और भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का रास्ता प्रशस्त करेगा।प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य सरकारी जमीन और भवनों पर अवैध कब्जे को रोकने के लिए कानूनी ढांचे को काफी मजबूत करना है, जिसमें आवासीय और गैर-आवासीय संपत्तियों के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं।

विधेयक में कहा गया है कि ऐसे अपराधियों को दोषी ठहराने वाले मजिस्ट्रेट को कानून के तहत अन्य कार्रवाइयों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना त्वरित बेदखली का आदेश देने का भी अधिकार होगा।

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