टिमरनी । अनुविभाग टिमरनी अंतर्गत कुछ शासकीय एवं निजी विद्यालयों द्वारा स्कूली बच्चों के साथ की जा रही गंभीर अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस संगठन द्वारा प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया है। सामने आए फोटो एवं उपलब्ध तथ्यों से यह स्पष्ट होता है कि विद्यालयों द्वारा बच्चों को पढ़ाई के समय राजनीतिक कार्यक्रमों, रैलियों एवं आयोजनों में सम्मिलित किया गया, जो कि पूरी तरह अनुचित, आपत्तिजनक एवं निंदनीय है।
कांग्रेस संगठन ने बताया कि कल एक राजनीतिक संगठन द्वारा आयोजित रैली में स्कूली बच्चों को भेजा गया, जो शिक्षा के उद्देश्य और बाल अधिकारों के पूर्णतः विपरीत है। बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए विद्यालय भेजा जाता है, न कि किसी भी राजनीतिक संगठन की रैली या गतिविधियों में भाग लेने के लिए। इस प्रकार बच्चों का उपयोग करना उनकी पढ़ाई, सुरक्षा एवं मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
इस गंभीर विषय को लेकर दिनांक 14 जनवरी 2026 को दोपहर 3:00 बजे तहसील कार्यालय, टिमरनी में ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि शासकीय एवं निजी दोनों प्रकार के विद्यालयों द्वारा बच्चों को राजनीतिक कार्यक्रमों में भेजने के मामलों की निष्पक्ष जांच की जाए तथा दोषी विद्यालयों एवं संबंधित जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि कई मामलों में अभिभावकों की जानकारी एवं सहमति के बिना बच्चों को ऐसे कार्यक्रमों में भेजा गया, जो अत्यंत गंभीर विषय है। यह कृत्य स्पष्ट रूप से बाल अधिकारों का उल्लंघन है। साथ ही यह भी बताया गया कि पूर्व में भी इस प्रकार की घटनाएं हो चुकी हैं और इसकी शिकायतें संबंधित विभागों को दी जा चुकी हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने के कारण ऐसी घटनाएं लगातार दोहराई जा रही हैं।
इस प्रकरण की प्रतिलिपि विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BRC), टिमरनी एवं जिला स्तर के संबंधित कार्यालयों, हरदा को भी भेजी गई है, ताकि सभी संबंधित विभाग समन्वयपूर्वक आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कर सकें।
इस अवसर पर नगर कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष जायसवाल, विधायक प्रतिनिधि ओम मिश्रा, ऋतु सोलंकी, पार्षद हीरा घुरे, शहजाद खान, गिरीश घूरे, संजय पवार, दीपक शर्मा, राकेश काशिव, अनीश शाह, श्रीकर गदरे एवं शब्बीर शाह सहित अनेक कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
कांग्रेस संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर मामले में शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो बच्चों के हितों की रक्षा के लिए आगे भी लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।













