प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत ऐसे किसान जिनकी वर्तमान रबी फसल स्थानीय प्राकृतिक आपदा ओलावृष्टि के कारण खराब हो चुकी है वे कृषि विभाग व बीमा कंपनी को व्यक्तिगत आवेदन देकर अपनी फसल नुकसानी का बीमा क्लेम कर सकते है।
ओलावृष्टि के कारण किसानों के खेतों में खड़ी फसल खराब हो गई है, ऐसे किसान भले पूरे गांव की फसल अच्छी है, एक किसान भी व्यक्तिगत आवेदन बैंक प्रबंधक जहां उसका के.सी.सी. खाता है एवं कृषि विभाग, रबी वर्ष 2025-26 के लिए किसान के जिले में अनुबंधित बीमा कंपनी एवं तहसीलदार को आवेदन में बीमा प्रीमियम राशि, कृषि भूमि का रकबा, के.सी.सी. खाता नंबर की जानकारी के साथ 72 घण्टे के अन्दर आवेदन देकर व्यक्तिगत बीमा क्लेम कर सकता है, जिसकी एक प्रति अपने पास साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखना चाहिए।
ऐसे किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रावधानों के अनुसार 15 दिन में सर्वे व बीमा क्लेम राशि का निर्धारण कर 21 दिन में किसान को भुगतान किया जाता है। इस प्रकार के आवेदन देने वाले किसानों का किसी भी बैंक में फसल बीमा प्रीमियम की राशि ऋणी या अऋणी कृषक के रूप में जमा होना जरूरी है, इस प्रकार के आवेदनों में किसानों को दो सावधानी अत्यन्त आवश्यक है (1) आवेदन दिनांक के 72 घण्टे के अन्दर ओलावृष्टि से फसल खराब होना दर्शाना चाहिए, (2) व्यक्तिगत क्षतिपूर्ति फसल बीमा क्लेम के अंतर्गत फसल खराब होने का कारण ओलावृष्टि ही लिखना चाहिए।
वर्तमान में जिन किसानों की भी गेहूँ, चना या अन्य रबी फसल खराब हुई है तथा उनका बैंकों द्वारा उनकी बीमा प्रीमियम राशि काट ली गई है, वे सभी किसान राजस्व विभाग के सर्वे की चिन्ता किये बगैर व्यक्तिगत सूचना देकर बीमा क्लेम कर सकते है।
किसानों को साक्ष्य के रूप में अपनी कृषि भूमि में ओलावृष्टि व फसल खराब होने के भूमि स्वामी / कृषक के भूमि पर खड़े होकर फोटो भी आवेदन के साथ देना चाहिए, तथा स्थानीय दैनिक समाचार पत्र में अपनी क्षतिग्रस्त फसल का समाचार भी साक्ष्य के रूप में प्रकाशित कराना चाहिए तथा ग्राम पंचायत से पंचनामा भी बनवाना चाहिए तथा टोल फ्री नम्बर 14447 पर शिकायत करना चाहिए।













