Vigilance caught Patwari taking bribe 1

नामांतरण के बदले 20 हजार की मांग, 10 हजार लेते ही लोकायुक्त ने दबोचा नायब तहसीलदार

मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है। ताजा मामला सतना जिले के रामपुर बाघेलान तहसील का है, जहां रीवा लोकायुक्त की टीम ने नायब तहसीलदार वीरेन्द्र सिंह जायसूर को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गुरुवार को तहसील कार्यालय परिसर में की गई।

फरियादी आशुतोष सिंह ने लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके पिता चंद्रशेखर सिंह के नाम दर्ज पुस्तैनी भूमि के बंटवारे और नामांतरण आदेश के एवज में नायब तहसीलदार द्वारा 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत के आधार पर लोकायुक्त द्वारा सत्यापन कराया गया, जिसमें रिश्वत मांग की पुष्टि हुई।

सत्यापन के दौरान आरोपी नायब तहसीलदार ने शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये पहले ही ले लिए थे। इसके बाद लोकायुक्त की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से 18 दिसंबर को ट्रैप कार्रवाई की। जैसे ही नायब तहसीलदार वीरेंद्र सिंह जायसूर ने फरियादी से शेष राशि के रूप में 10 हजार रुपये लिए, टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगेहाथों पकड़ लिया।

कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त टीम ने रिश्वत की राशि जब्त की और आरोपी से पूछताछ शुरू की। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार सामने आ रही है। इसके बावजूद भ्रष्टाचार के मामलों में कमी नहीं आ रही है। सतना का यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि सख्त कार्रवाई के बावजूद जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारी रिश्वतखोरी से बाज क्यों नहीं आ रहे हैं।

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