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निलंबित बाबू नायब तहसीलदार के लिए 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार, दोनों बने आरोपी

मध्यप्रदेश के राजस्व विभाग में चल रहे भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने सरकार लाख जतन कर रही है पर जिसके पास अधिकार पहुंचते है वो ही भ्रष्टाचार के खेल में शामिल हो जाता है । ताजा मामले में लोकायुक्त पुलिस की इंदौर टीम ने इंदौर जिले में खुडेल के नायब तहसीलदार के लिए 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते निलंबित बाबू को गिरफ्तार किया है। लोकायुक्त पुलिस ने इस संबंध में नायब तहसीलदार और निलंबित बाबू दोनों को आरोपी बनाया है।

इंदौर के लोकायुक्त पुलिस एसपी राजेश सहाय से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस मामले में आवेदक कृष्ण कुमार डांगी, एडवोकेट, निवासी इंदौर ने आवेदन किया कि उसकी विधवा बुआ भगवंतिबाई, निवासी ग्राम खराडीया की भूमि के नामांतरण हेतु बाबू नरेंद्र नरवरिया द्वारा नायब तहसीलदार खुड़ैल दयाराम निगम के साथ मिलकर 50,000/- रुपए रिश्वत मांगी जा रही है। सत्यापन कराया तो शिकायत सही पाई गई।

आज दिनांक 30/9/25 को आवेदक से रिश्वत राशि लेना तय हुआ और आवेदक को रिश्वत राशि लेकर तहसील खुड़ैल कार्यालय बुलाया। ट्रैप दल गठित कर ट्रैप प्लान किया गया जो तहसील कार्यालय में निलंबित सहायक ग्रेड 3 नरेंद्र नरवरिया ने आवेदक से रिश्वत राशि अपने टेबल की दराज में रखवा ली। रिश्वत राशि लेते ही आसपास तैनात लोकायुक्त दल ने आरोपी बाबू को पकड़ लिया।

आरोपी गण के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7,61 (2) के अंतर्गत कार्यवाही जारी है। ट्रेप दल में डीएसपी सुनील तालान, निरीक्षक आशुतोष मिठास, स ऊ नि रहीम खान, प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव, आरक्षक गण- आदित्य भदौरिया, राकेश मिश्रा, आशीष नायडू, आशीष आर्य, शैलेन्द्र बघेल और वाहन चालक शेरसिंह ठाकुर शामिल थे।

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