जबलपुर । मध्यप्रदेश में गर्मी का तापमान बढ़ते ही काला कोट पहनकर अदालतों में पैरवी करने वाले वकीलों की परेशानी देखते हुए उन्हें राज्य अधिवक्ता परिषद ने आखिरकार 3 माह तक कोर्ट के बिना ही पैरवी करने की इजाजत दे दी है । गौरतलब है प्रदेश भर से अभिभाषक संघ ने इस आशय की मांग राज्य अधिवक्ता परिषद से की थी।
आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद की कार्यकारी सचिव गीता शुक्ला ने अधिसूचना जारी कर अधिवक्ता गणवेश से संबंधित बार कौंसिल आफ इंडिया के नियम के संदर्भ में बार कौसिल आफ इंडिया के चेप्टर IV PART 6 RULE 4 जो कि ग्रीष्म कालीन अवधि में अधिवक्ताओं को कोट पहन कर व्यवसाय करने के नियम में शिथिलता प्रदान करता है के तहत राज्य के अधिवक्ताओं को काला कोट पहनने की बाध्यता को शिथिलीकृत किया गया है।
जारी अधिसूचना के मुताबिक उक्त नियम के अनुसार 15 अप्रैल 2025 से 15 जुलाई 2025 तक की अवधि में नियम को प्रभावशील करते हुये एतद् निर्देशित किया जाता है कि प्रदेश के अधिवक्ता बंधु माननीय उच्चतम् न्यायालय अय्या उच्च न्यायालय को छोड़कर प्रदेश के अन्य माननीय न्यायालयों के समक्ष नियम में शिथिलता के अनुसार अभिभाषकीय दायित्वों का निर्वाह कर सकते हैं।
इस संदर्भ में परिषद को विभिन्न जिला एवं तहसील अधिवक्ता संघों से इस आशय के अनुरोध पत्र भी प्राप्त हुये हैं कि अनेक जिला एवं तहसील अधिवक्ता संघों में अधिवक्ताओं के अनुपात में बैठने के स्थान बहुत कम है एवं अधिवक्ता प्रायः न्यायालय भवन के बरांडे अथवा भवन के बाहर खुले स्यान में बैठकर आवश्यक कार्यों का निपटारा करते हैं और अनेक बार विद्युत व्यावधान उत्पन्न होने पर परिस्थितियां और भी अधिक प्रतिकूल और त्रासदायी हो जाती है। अतः न्यायालय में अभिभाषकीय दायित्वों के निर्वाह में ग्रीष्मकालीन अवधि में बार कौंसिल आफ इंडिया के नियमों के अनुसार काला कोट पहनने की बाध्यता को शिथिलीकृत किया गया है। उपरोक्त अनुरोध के अनुसार 15 अप्रैल 2025 से 15 जुलाई 2025 तक की अवधि हेतु नियमों को शिथिलीकृत किया गया है। अधिवक्ता बंधु इस अवधि में सफेद शर्ट एवं काली/सफेद धारी/ ग्रे कलर की पेन्ट और एडवोकेट बेन्ड पहन कर अभिभाषकीय दायित्व का निर्वाह कर सकेंगे।