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‘भविष्य से भेंट’ कार्यक्रम में अधिकारियों ने बच्चों को सिखाए सफलता के सूत्र

हरदा। मध्य प्रदेश शासन के महत्वाकांक्षी ‘स्कूल चले हम’ अभियान 2026-27 के तहत शनिवार को जिले भर की शासकीय शालाओं में ‘भविष्य से भेंट’ कार्यक्रम का उत्साहपूर्वक आयोजन किया गया। इस विशेष पहल के अंतर्गत जिले के प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने शिक्षक की भूमिका निभाते हुए आवंटित स्कूलों में विद्यार्थियों की क्लास ली। 

कार्यक्रम के तहत जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्कूलों में पहुँचकर बच्चों के साथ सीधा संवाद किया। अधिकारियों ने न केवल छात्रों को पाठ पढ़ाए, बल्कि अपने जीवन के प्रेरणास्पद प्रसंग, सफलता की कहानियाँ और संघर्ष के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बच्चों को बताया कि निरंतर अभ्यास, अनुशासन और लगन ही सफलता की असली कुंजी है। कार्यक्रम के तहत संयुक्त कलेक्टर सतीश राय ने शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हरदा, संयुक्त कलेक्टर रजनी वर्मा ने शासकीय माध्यमिक शाला रूपीपरेटिया, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रवीण इवने ने शासकीय माध्यमिक शाला रेलवा, जिला शिक्षा अधिकारी डी.एस. रघुवंशी ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मसनगांव, जिला परियोजना समन्वयक बलवन्त पटेल ने शासकीय प्राथमिक शाला उड़ा, एसडीएम हरदा अशोक कुमार डेहरिया ने शासकीय हाई स्कूल पलासनेर, एसडीएम टिमरनी संजीव नागू ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टिमरनी, एसडीएम खिरकिया शिवांगी बघेल ने शासकीय सांदीपनि विद्यालय खिरकिया में विद्यार्थियों के साथ संवाद किया।

शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय हरदा में संयुक्त कलेक्टर श्री राय ने विद्यार्थियों को भविष्य में आने वाले अवसरों के बारे में जानकारी दी। उन्होने बताया कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ एक अतिरिक्त लैंग्वेज भी सीखना चाहिए। विभिन्न एआई सॉफ्टवेयर जैसे चेट जीपीटी, जेमीनी पर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होने कहा कि आने वाले समय में सॉफ्टवेयर मनुष्य की सॉफ्ट स्किल को रिप्लेस कर सकते हैं परंतु हार्ड स्किल को केवल एक मनुष्य ही कर सकता है इसलिए हार्ड स्किल को सीखना भी अति आवश्यक है। आने वाला समय टेक्नोलॉजी से परिपूर्ण होगा जिसमें विद्यार्थियों को अपने चारों ओर की टेक्नोलॉजी से अवगत भी होना पड़ेगा।

उल्लेखनीय है कि प्रदेशव्यापी यह अभियान 1 अप्रैल से 4 अप्रैल तक संचालित किया गया, जिसका उद्देश्य शत-प्रतिशत नामांकन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है। शनिवार को आयोजित इस कार्यक्रम में स्कूलों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और नए छात्रों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया।

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