IMG 20260130 215925

ग्राफिक एवं एनीमेशन प्रशिक्षण से विद्यार्थियों को मिला डिजिटल स्वरोजगार का मार्ग, 30 दिवसीय प्रशिक्षण का समापन, प्रमाण पत्र वितरित

टिमरनी (संदीप अग्रवाल) । भाऊसाहेब भुस्कुटे शासकीय महाविद्यालय, टिमरनी में स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के अंतर्गत संचालित 30 दिवसीय स्वरोजगारोन्मुखी ग्राफिक एवं एनीमेशन प्रशिक्षण का समापन प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम के साथ संपन्न हुआ। समापन अवसर पर प्रशिक्षित विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास के साथ अपने अनुभव साझा किए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जे. के. जैन ने की। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि आज के डिजिटल युग में कौशल आधारित शिक्षा ही युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के वास्तविक अवसर उपलब्ध करा सकती है। एनीमेशन एवं ग्राफिक डिजाइनिंग जैसे प्रशिक्षण विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

60 घंटे का व्यावहारिक एवं प्रोजेक्ट आधारित प्रशिक्षण

कार्यक्रम संयोजक डॉ. पंकज खैरनार एवं सह-संयोजक डॉ. अभिषेक अग्रवाल ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि इस तीस दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में 30 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण पूर्णतः सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक रहा, जिसमें विद्यार्थियों को आधुनिक डिजिटल टूल्स के माध्यम से वास्तविक कार्य अनुभव प्रदान किया गया।

लोगो डिजाइन से लेकर वीडियो एनीमेशन तक मिला प्रशिक्षण : प्रशिक्षक संजय अग्रवाल द्वारा विद्यार्थियों को लोगो डिजाइन, पोस्टर एवं ब्रोशर डिजाइन, टाइपोग्राफी, कलर थ्योरी तथा वीडियो एनीमेशन का गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने बताया कि ग्राफिक एवं एनीमेशन डिजाइनिंग आज के समय में फ्रीलांसिंग, विज्ञापन, मीडिया एवं विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर स्वरोजगार का मजबूत आधार बन सकती है।

इसी क्रम में स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के प्रभारी डॉ. सुनील बौरासी ने इस प्रशिक्षण को विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास एवं रोजगारोन्मुखी सोच को सशक्त करने वाला प्रयास बताया।

अनुभव साझा कर विद्यार्थियों ने जताया उत्साह

प्रशिक्षण से लाभान्वित छात्राओं तनिषा अग्रवाल, काजल देवड़ा एवं स्वाति गौर ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण से उन्हें डिजिटल क्षेत्र में करियर निर्माण की स्पष्ट दिशा मिली है।

कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन डॉ. सुनीत काशिव द्वारा किया गया। समापन अवसर पर यह निष्कर्ष निकला कि इस प्रकार के कौशल आधारित प्रशिक्षण विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने तथा स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं।

प्रशिक्षण के सफल आयोजन, समन्वय,एवं निरंतर सहयोग में डॉ. ज्योति काशिव का विशेष एवं सराहनीय योगदान रहा, जिससे कार्यक्रम की गुणवत्ता एवं प्रभावशीलता और अधिक सुदृढ़ हुई। इसके साथ ही नर्मदा बामने सहित महाविद्यालय के संपूर्ण स्टाफ का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।

इस अवसर पर सुश्री मीनाक्षी यादव, डॉ. शीतल श्रीवास, डॉ. संजीत सोनी, डॉ. पवन नामदेव, अभिषेक नागपुरे सहित महाविद्यालय का संपूर्ण स्टाफ उपस्थित रहा।

Scroll to Top