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तहसीलदारों की हड़ताल अनुशासनहीनता, संभागायुक्त करें कार्यवाही आदेश जारी

भोपाल । प्रदेश में राजस्व विभाग ने कैबिनेट के फैसले का विरोध कर ड्यूटी से अनुपस्थित तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश सभी संभागायुक्तों को जारी किए हैं। इसके तहत संभागायुक्त कलेक्टरों से जानकारी लेकर ड्यूटी से गायब अधिकारियों के विरुद्ध निलंबन और अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई करेंगे। सरकार ने गुरुवार 14 अगस्त की रात को आदेश जारी कर सभी संभाग कमिश्नर को ड्यूटी से अनुपस्थित राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई कर विभाग को अवगत कराने का निर्देश जारी किया है।IMG 20250822 WA0151

राजस्व विभाग के अपर सचिव ने कहा कि 3 जून 2025 के कैबिनेट फैसले के अनुसार राजस्व अधिकारियों के बीच न्यायिक और गैर-न्यायिक कार्यों का विभाजन किया गया था। इसके विरोध में कई तहसीलदार और नायब तहसीलदार अपने कर्तव्य स्थल से अनुपस्थित हैं। विभाग ने इसे शासन की नीतियों के खिलाफ और अनुशासनहीनता की श्रेणी में बताया।

संभागायुक्तों को याद दिलाया गया कि सामान्य प्रशासन विभाग के 22 नवंबर 2006 के स्थायी निर्देश और मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के अनुसार हड़ताल, धरना या सामूहिक अवकाश जैसी गतिविधियां कदाचार मानी जाती हैं। ऐसे मामलों में अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक है।

इसलिए संभागायुक्तों को निर्देश दिया गया है कि अपने क्षेत्र में पदस्थ ड्यूटी से गायब अधिकारियों के विरुद्ध तुरंत कार्रवाई करें और इसकी जानकारी राजस्व विभाग को दें।

कार्य विभाजन का विरोध कर रहे तहसीलदार

सरकार ने तहसीलदारों को 2 श्रेणियों में बांटकर न्यायिक कार्य (जैसे भूमि विवाद केस, तहसील मजिस्ट्रेट सम्बंधित कार्रवाई) और गैर-न्यायिक कार्य (प्रमाण पत्र जारी करना, सीमांकन, नामांतरण आदि) अलग-अलग करने का फैसला किया है। तहसीलदारों का कहना है कि वे इन कार्यों को एक ही पद से प्रभावी ढंग से संभालते आए हैं, विभाजन से उनका अधिकार सीमित होगा और जनता पर भी सीधा असर पड़ेगा।IMG 20250814 WA0050 IMG 20250814 WA0051 IMG 20250814 WA0052 IMG 20250814 WA0053 IMG 20250814 WA0054 IMG 20250814 WA0055 IMG 20250814 WA0056 IMG 20250814 WA0057 IMG 20250814 WA0058

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