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MP की मोहन यादव की सरकार ने 15 दिनों में दूसरी बार बाजार से उठाया छह हजार करोड़ रुपये का कर्ज

इस साल अब तक ले चुकी मध्यप्रदेश सरकार 47 हजार करोड़

भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने 15 दिनों में दूसरी बार छह हजार करोड़ का कर्ज लिया है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआइएस) से पहले राज्य सरकार ने 18 फरवरी को ही छह हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। अब मंगलवार को रिजर्व बैंक के मुंबई कार्यालय के माध्यम से बाजार से फिर छह हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया है।

इस वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार कुल 41 हजार करोड़ रुपये का कर्ज बाजार से ले चुकी है। नया छह हजार करोड़ रुपये का कर्ज मिलाकर यह राशि 47 हजार करोड़ रुपये हो जाएगी। राज्य का बजट 3.65 लाख करोड़ रुपये है लेकिन राज्य पर कर्ज का कुल भार इस समय चार लाख 22 हजार करोड़ रुपये पहुंच गया है। नया कर्ज उठाने के लिए राज्य सरकार ने अपनी आर्थिक स्थिति अच्छी बताई है।

मुफ्तखोरी की योजनाओं को पूरा करने में जा रहा कर्ज का एक बड़ा हिस्सा

  1. वर्तमान वित्त वर्ष में राज्य सरकार अगस्त 2024 से अमूमन हर माह नियमित रूप से बाजार से कर्ज उठा रही है।
  2. वित्त विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आर्थिक गतिविधियों और विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए कर्ज लिया जा रहा है।
  3. यह राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम में निर्धारित सीमा के भीतर है। सरकार राज्य सकल घरेलू उत्पाद के अनुपात में तीन प्रतिशत तक कर्ज ले सकती है।
  4. आधा प्रतिशत और कर्ज बिजली सहित अन्य क्षेत्रों में अधोसंरचना सुधार के काम करने पर लिया जा सकता है।
  5. राज्य सरकार द्वारा लिए जाने वाले कर्ज का एक बड़ा हिस्सा मुफ्त की योजनाओं को पूरा करने में ही चला जाता है। वर्ष 2024-25 में सरकार 65 हजार करोड़ रुपये तक कर्ज ले सकती है।

वित्तीय वर्ष 24-25 में लिया कर्ज

वर्ष- कर्ज (राशि करोड़ में)

06 अगस्त 2024- 5,000

27 अगस्त 2024- 5,000

24 सितंबर 2024- 5,000

08 अक्टूबर 2024-5,000

26 नवंबर 2024 – 5,000

24 दिसंबर 2024 -5,000

31 दिसंबर 2024 – 5,000

18 फरवरी 2025 -6,0000

4 मार्च 2025- 6,000

कुल – 47 हजार करोड़ रुपये

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