भोपाल । मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि साम दाम दड भेद से मिले जनादेश के घमंड में भाजपा इस हद तक डूब चुकी है कि वह जनता के अधिकारों की मांग को ‘भीख’ कहने लगी है जो केवल मध्य प्रदेश ही नहीं पूरे देश की जनता का सीधा अपमान है।
श्री पटवारी ने कह कि भाजपा सत्ता में बनी रहने के लिए जनता को अपना भगवान बताकर वोट मांगती है, मगर जब जनता अपने हक की बात करती है, तो उसे ‘भिखारी’ कहा जाता है। क्या देश प्रदेश की जनता को लोकतंत्र में अपने हक, अधिकार और सम्मान के लिए अपनी आवाज उठाना अपराध है ? क्या जनता से वोट मांगना राजनीति स्वांग है, क्या जनता की मांगों को सुनना भीख देना है ?
जनता के अधिकार को ‘भीख’ कहने वाली भाजपा का असली चेहरा : श्री पटवारी ने कहा कि भाजपा ने जनता से किए गए वादों को भुला दिया है। महिलाओं को 3000 रूपये देने की मांग हो, किसानों के हक की बात हो, या भ्रष्टाचार पर सवाल उठाना – भाजपा को यह सब भीख मांगना लगता है।
श्री पटवारी ने प्रदेश सरकार की कुछ प्रमुख विफलताओं को गिनाते और सवाल करते हुए कहा कि –
- ✅ भ्रष्टाचार का विरोध करना भीख मांगना नहीं है।
- ✅ किसानों के अधिकारों की मांग करना भीख मांगना नहीं है।
- ✅ महिलाओं को ₹3000 दिलाने की मांग करना भीख मांगना नहीं है।
- ✅ लिखित संकल्प-पत्र के वादों को पूरा करने की याद दिलाना भीख मांगना नहीं है।
श्री पटवारी ने कह कि भाजपा सरकार सत्ता में बने रहने के लिए जनता से वोट मांगती है, लेकिन जब जनता अपने अधिकारों की मांग करती है तो उसे अपमानित किया जाता है। यह जनादेश का सीधा सीधा अपमान है।”
प्रधानमंत्री की चुप्पी शर्मनाक – क्या वे जनता का अपमान स्वीकार करते हैं ?
श्री पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी सीधा निशाना साधते हुए कहा कि जो खुद को ‘प्रधान-सेवक’ कहते हैं, वे इस शर्मनाक बयान पर अब तक चुप क्यों हैं? क्या वे इस अपमान को सही मानते हैं? या फिर भाजपा का यही असली चाल चरित्र और चेहरा है कि सत्ता मिलने के बाद जनता को भुला दिया जाए ? उसे भिखारी कहा जाता है।
श्री पटवारी ने कहा कि “भाजपा नेताओं के इस अहंकार ने साबित कर दिया है कि वे जनता को सिर्फ वोट बैंक समझते हैं। जब जनता अपने हक की बात करे, तो उन्हें भिखारी कहा जाता है। यह लोकतंत्र की हत्या का जीवन उदाहरण है।”
जनता को अपमान का जवाब देना होगा – अब चुप नहीं बैठना है
श्री पटवारी ने जनता से अपील की कि अब यह सोचने का समय आ गया है कि जो लोग वोट मांगते समय गिड़गिड़ाते हैं, वे सत्ता में आते ही जनता को अपमानित क्यों करने लगते हैं? उन्होंने कहा कि “अब जनता को यह तय करना होगा कि वह भाजपा के इस अपमान को कब तक सहन करेगी। जनता की ताकत ही लोकतंत्र की असली शक्ति है, और इसी शक्ति से भाजपा के अहंकार को करारा जवाब मिलेगा।”
श्री पटवारी ने कहा कि भाजपा को यह गलतफहमी नहीं होनी चाहिए कि सत्ता स्थायी है। जनता ने सत्ता दी है, और जनता ही सत्ता छीन भी सकती है। “अब जनता तय करेगी – वह भाजपा की सत्ता का भविष्य अंधकारमय लिखेगी, क्योंकि जनता भिखारी नहीं है!”