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विवाह अनुबंध व तलाक के दस्तावेज बनाने वाले नोटरियों पर अब कार्यवाही नहीं होगी

भोपाल। राज्य में लायसेंसी नोटरियों पर अब विवाह अनुबंध एवं विवाह विच्छेद संबंधी दस्तावेज नोटराईज किये जाने पर अब कोई कार्यवाही नहीं होगी। दरअसल विधि विभाग ने गत 11 नवम्बर 2025 को सभी जिला न्यायालयों के डीजे को पत्र लिखकर कहा था कि वे ऐसा कार्य करने वाले नोटरियों की जांच कर जांच प्रतिवेदन भेजें। लेकिन एक सप्ताह बाद ही विधि विभाग ने इस पत्र को रीकाल यानि वापस ले लिया है तथा नया पत्र जारी कर कहा कि कहा 11 नवम्बर 2025 के पत्र में कोई कार्यवाही की जाना अपेक्षित नहीं है। यह नया पत्र विधि सचिव अनिल कुमार पाठक ने जारी किया है।

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने अपने प्रकरण सीआरए नंबर 6417/2024 अर्चना साकेत एवं अन्य विरुध्द मप्र शासन में जारी निर्देश में स्पष्ट किया हुआ है कि नोटरी के समक्ष विवाह अनुबंध निष्पादित करके किया गया विवाह हिंदू कानून के तहत या सामान्य रूप से भारत में कानूनी रूप से मान्य नहीं नहीं है। नोटरी पब्लिक विवाह समारोह आयोजित करने या विवाह प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अधिकृत नहीं हैं। ऐसे मामलों में पूर्व में नोटरियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है।

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