भोपाल । बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) कार्ड बनवाने की प्रक्रिया अब और सख्त कर दी गई है। केंद्र सरकार ने फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगाने के लिए नई तकनीकी व्यवस्था लागू की है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहा है, तो बीपीएल कार्ड के लिए आवेदन करते समय ही सिस्टम चेतावनी देगा कि उसके पास एक हेक्टेयर से अधिक जमीन है। ऐसी स्थिति में आवेदन स्वतः निरस्त हो जाएगा और संबंधित व्यक्ति को बीपीएल कार्ड नहीं मिल सकेगा। जांच में सामने आया है कि बड़ी संख्या में अपात्र बीपीएल का लाभ ले रहे थे।
समग्र व पीएम किसान के डेटा को आपस में जोड़ा
अब परिवार के मुखिया के नाम पर 1 हेक्टेयर से अधिक भूमि है, तो परिवार के अन्य सदस्य का नाम भी बीपीएल सूची में शामिल नहीं हो सकेगा। समग्र आईडी को पीएम किसान सम्मान निधि के डेटा से जोड़ा गया है।
मध्यप्रदेश में 5.23 करोड़ लोग पीडीएस के दायरे में
मप्र में पीडीएस के तहत 1.28 करोड़ परिवारों को राशन दिया जा रहा है। केवाईसी के बाद 20 लाख नाम सूची से हटाए गए, लेकिन अब भी 5.23 करोड़ लोग पीडीएस के दायरे में हैं। भोपाल में अनुमान है कि 50 प्रतिशत से अधिक लाभार्थी अपात्र हैं।









