मुरैना। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ द्वारा पूर्व में यह निर्देश जारी किए गए थे कि पटवारी प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को प्रातः 11 से दोपहर 1 बजे तक पंचायत भवन में बैठकर जनसमस्याओं का निराकरण करें। इसी प्रकार पंचायत सचिव सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन प्रातः 11 से दोपहर 1 बजे तक ग्रामीणों की समस्याएं सुनें और उनका समाधान सुनिश्चित करें।
निर्देशों की अनुपालना की वास्तविक स्थिति जानने हेतु कलेक्टर ने 10 नवम्बर को दोपहर 12 बजे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष से प्रत्येक तहसील के तीन-तीन पटवारियों तथा प्रत्येक जनपद के तीन-तीन पंचायत सचिवों से वीडियो कॉलिंग के माध्यम से उपस्थिति की जाँच की। जाँच में 8 पटवारी तथा 5 सचिव/जीआरएस अपने निर्धारित पंचायत भवन पर अनुपस्थित पाए गए। कलेक्टर ने सभी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके विकासखण्ड मुख्यालय पर अटैच करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने तहसीलदारों से शासन की योजनाओं में कम प्रगति वाले पटवारियों के नाम प्राप्त किए और बानमौर के सुजान सिंह गुर्जर, पोरसा के समल मनोरथ पाठक, मुरैना ग्रामीण के अजय गुर्जर, मुरैना शहर के शिवराज तोमर, अम्बाह के मयंक यादव, सबलगढ़ के सोनू जादौन, कैलारस के दुर्गेश शर्मा तथा जौरा के संजीव तिवारी से वीडियो कॉल पर उपस्थिति सत्यापित की, जो सभी पंचायत भवन पर अनुपस्थित पाए गए। इन्हें भी तत्काल निलंबन का आदेश दिया गया।
इसी प्रकार जनपद पंचायतों में कोटरा के सचिव नरेश सिंह तोमर, बर्रेड के सचिव हाकिम जाटव, जीआरएस सौरभ सिकरवार, सुनावली के सचिव रामरूप कुशवाह तथा ककरारी के सचिव नरेश की उपस्थिति की पुष्टि वीडियो कॉल से की गई। सभी अनुपस्थित पाए जाने पर कलेक्टर ने सीईओ जिला पंचायत कमलेश कुमार भार्गव को तत्क्षण निलंबन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।












