प्रदेश में पायलेट प्रोजेक्ट के तहत विदिशा से शुरू हुई यह व्यवस्था
भोपाल। राज्य सरकार द्वारा किसानों की सुविधा हेतु प्रदेश में पायलेट प्रोजेक्ट के तहत जिला विदिशा में खाद वितरण की नई व्यवस्था बुधवार 1 अक्टूबर से प्रारंभ की जा रही है। नई उर्वरक वितरण व्यवस्था के अंतर्गत किसान को उनकी फार्मर आई-डी में दर्ज रकबे एवं चयनित फसल की आवश्यकता अनुसार उर्वरक उपलब्ध हो सकेगा। इस हेतु किसानों को अपने आधार नंबर से पोर्टल पर पंजीयन करना होगा, जिस पर कृषक के रकबे अनुसार बोई जाने वाली फसल का चयन करना होगा। चयनित फसल अनुसार आवश्यक उर्वरकों की पूर्ती हेतु उर्वरको के प्रकारों एवं उर्वरक उठाव हेतु वितरण केंद्र सहकारी, निजी का चयन भी कृषक द्वारा स्वयं किया जायेगा। चयनित उर्वरक की पात्रता अनुसार पोर्टल द्वारा स्वत: किसान हेतु कूपन (टोकन) उत्पन्न होगा। किसान को प्राप्त टोकन अनुसार तीन दिवस के अन्दर चयनित वितरण केंद्र से उठाव करना होगा। यदि किसान तय समय सीमा में उर्वरक का उठाव नहीं करता है तो कूपन स्वत: निरस्त हो जाएगा।
इस व्यवस्था हेतु किसानों के पास भारत सरकार के पोर्टल “एग्री स्टेक” पर फार्मर आईडी बनी होना अनिवार्य है एवं उस आईडी में किसान के पास उपलब्ध रकबा दर्ज होना आवश्यक है। आईडी पर दर्ज रकबे के अनुसार ही किसान को उर्वरक की पात्रता होगी। जिन किसान भाइयों ने अभी तक फार्मर आई डी नहीं बनवाई है उनसे अनुरोध है की वहा किसान शीघ्र ही फार्मर आई-डी बनवा ले।













