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बिजली मीटर से छेड़छाड़ करने पर हो सकता है 3 वर्ष का कारावास

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि यदि बिजली के मीटर में अनावश्क छेड़छाड़ पाई जाती है तो ऐसा करने वालों के विरूद्ध धारा 136 के तहत कार्रवाई होगी। कंपनी का कहना है कि किसी उपभोक्ता को मीटर, उसकी रीडिंग, बिलिंग या बिजली व्यवधान जैसी कोई शिकायत हो तो वे तुरंत कॉल सेंटर के फोन नंबर 1912 पर या ऑन लाइन वेबसाइट portal.mpcz.in अथवा उपाय यूपीएवाय ऐप या बिजली वितरण केन्द्र, जोन कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निराकरण की पुख्ता व्यवस्था की गई है। उपभोक्ता शरारती तत्वों के बहकावे में आकर मीटर में तोड़फोड़ या उखाड़कर अन्यत्र स्थापित करने या सर्विस लाइन को नुकसान पहुंचाने का कार्य करते हैं तो उनके विरूद्ध विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 136 के तहत कार्रवाई होगी। इसमें 3 वर्ष का कारावास अथवा 10 हजार रूपये का जुर्माना अथवा दोनों सजाओं से दण्डित करने का प्रावधान है।

विद्युत अधिनियम- 2003 की धारा 136 में यह प्रावधान है कि ‘अनुज्ञप्तिधारी या स्वामी की सहमति के बिना कोई इलेक्ट्रिक लाइन, सामग्री या मीटर को हटाएगा या अन्यत्र जगह लगाता है, चाहे वह कार्य लाभ या अभिलाभ के लिए किया गया हो या नहीं, तो इसे विद्युत लाइनों और सामग्री की चोरी का अपराध कहा जाएगा और वह कारावास से जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से या दोनों से दण्डनीय होगा।

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