हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एक महिला के अनुकंपा नियुक्ति के मामले में दिए अहम फैसले में कहा कि सिर्फ आर्य समाज मंदिर का प्रमाणपत्र विवाह का वैध सबूत नहीं माना जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि महज स्टांप पेपर पर पति – पत्नी के बीच तलाक नहीं हो सकता है। इन टिप्पणियों के साथ कोर्ट ने महिला की अनुकंपा नियुक्ति पाने की याचिका खारिज कर दी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक महिला की अनुकंपा नियुक्ति मामले पर सुनवाई करते हुए बड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ आर्य समाज मंदिर का प्रमाणपत्र विवाह का वैध सबूत नहीं हो सकता है। कोर्ट ने कहा कि महज स्टांप पेपर पति-पत्नी का तलाक नहीं हो सकता है। हाईकोर्ट ने महिला की अनुकंपा नियुक्ति के लिए दाखिल याचिका को खारिज करते हुए ये बात कही है। महिला ने अपने कथित पति की मौत के बाद उसकी जगह खुद को अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने की मांग करते हुए ये याचिका दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने नामंजूर कर दिया।








