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लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: 30 हजार की रिश्वत लेते पंचायत सचिव और ठेकेदार रंगे हाथों गिरफ्तार

मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत उज्जैन लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तराना तहसील के ग्राम पंचायत बोरदा मांडा के सचिव और एक ठेकेदार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त भोपाल के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश एवं पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई।

जानकारी के अनुसार ग्राम बोरदा मांडा निवासी सरपंच राजेश चतुर्वेदी ने लोकायुक्त पुलिस उज्जैन में शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम पंचायत में कराए गए निर्माण कार्यों की स्वीकृति देने के बदले पंचायत सचिव दरबार सिंह राठौड़ द्वारा उनसे 45 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत में यह भी बताया गया कि आरोपी सचिव पहले ही 15 हजार रुपये ले चुका है और शेष 30 हजार रुपये देने का दबाव बना रहा है।

शिकायत प्राप्त होने पर लोकायुक्त टीम द्वारा मामले की जांच निरीक्षक दीपक सेजवार द्वारा की गई, जिसमें शिकायत सही पाई गई। इसके बाद लोकायुक्त टीम ने योजना बनाकर ट्रैप की कार्रवाई की।

सोमवार 16 मार्च 2026 को आरोपी सचिव दरबार सिंह राठौड़ ने शिकायतकर्ता से 30 हजार रुपये की रिश्वत लेकर अपने साथी ठेकेदार कमल बंजारा को दे दिए। इसी दौरान लोकायुक्त टीम ने थाना कायथा के पास ग्राम पंचायत बोरदा मांडा, तहसील तराना में शिकायतकर्ता की कार स्विफ्ट डिजायर (MP09 CH 5873) में दोनों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया।

इस कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक राजेश पाठक, निरीक्षक दीपक सेजवार, आरक्षक श्याम शर्मा, संजीव कुमारिया, इसरार, सहायक ग्रेड-3 रमेश डाबर सहित पंच साक्षियों के साथ करीब 10 सदस्यीय लोकायुक्त दल शामिल रहा।

लोकायुक्त पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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