ग्वालियर। आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल द्वारा देशी शराब की रेट सूची जारी कर दी गई है। इस सूची में प्लेन,मसाला,कांच और पेट (प्लास्टिक) में मिलने वाली शराब के दाम स्पष्ट रूप से बताए गए हैं। खासतौर पर गरीब और निम्न आय वर्ग के उपभोक्ताओं को ठगी से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस सूची को जिले के कलेक्टरों द्वारा सभी दुकानों पर चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को सही दामों की जानकारी मिल सके। यह रेट सूची नए रेट के साथ एक अप्रैल से लागू हो गई है।
कई बार देखने में आता है कि लाइसेंसी ठेकेदार द्वारा देशी शराब की दुकानों पर तय रेट से अधिक कीमत वसूली करते है। ठेकेदारों द्वारा 75 रुपये की शराब 100 रुपये में और 100 रुपये की शराब 120 रुपये में बेची जाती है।
कई बार यह खुल्ले पैसे नहीं होने का बहाना बनाते है। इस मनमानी को रोकने के लिए पहली बार आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल ने यह ठोस कदम उठाया है।
ऐसे लेते है ज्यादा रूपये
देशी प्लेन 180 का न्यूनतम मूल्य 65 एवं अधिकतम 75 है यह 90 से 100 रुपये तक बेची जाती है। सर्वाधिक मसाला एवं प्लेन 180 एमएल ही दुकानों पर उपलब्ध होने से यही मदिरा सबसे ज्यादा बिकती है
इसी प्रकार प्लेन पैट 90 मिलीमीटर का न्यूनतम विक्रय मूल्य 37 रूपये और अधिकतम विक्रय मूल्य 43 रूपये है। जिसे ग्राहकों को 60- 70 रूपये में बेचा जाता है।
अब देखना यह होगा कि क्या अंग्रेजी शराब की भी रेट सूची जारी की जाएगी।
कलेक्टर करेंगे निगरानी
आबकारी विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि नई रेट लिस्ट प्रत्येक दुकान पर स्पष्ट रूप से चस्पा की जाए। इसके लिए कलेक्टर को निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, अब देखने वाली बात यह होगी कि कितने दिनों में यह सूची सभी दुकानों पर लग पाती है और क्या अधिकारी इस कार्य में पूरी गंभीरता दिखाते हैं।
सूची लगाने में कितनी होगी दिलचस्पी?
अक्सर यह देखा जाता है कि दुकानों पर चस्पा की गई रेट लिस्ट को जल्द ही फाड़ दिया जाता है या इस तरह लगाया जाता है कि ग्राहकों को पढ़ने में कठिनाई हो। इसलिए सुझाव दिया जा रहा है कि इन रेट लिस्ट को पेंट के रूप में स्थायी रूप से लिखा जाए,ताकि कोई भी इसे हटाने या छेड़छाड़ करने में सक्षम न हो।
अब देखना यह होगा कि आबकारी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी इस आदेश को लागू करने में कितनी दिलचस्पी लेते हैं। अगर इस सूची को सही तरीके से लगाया और बनाए रखा जाता है,तो निश्चित रूप से गरीब और निम्न आय वर्ग के उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।