हरदा । केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में शुरू की गई पीएम राहत योजना एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों को तुरंत और मुफ्त इलाज मुहैया कराना है। इस योजना का पूरा नाम ‘‘रोड़ एक्सीडेन्ट विक्टीम हॉस्पीटलाइजेशन एण्ड एश्योर्ड, ट्रीटमेन्ट’’ है। योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को डेढ़ लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलता है। इसका मतलब है कि अस्पताल में भर्ती होते समय आपको पैसे देने की जरूरत नहीं होगी, सारा खर्च सरकार वहन करेगी। यह सुविधा दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिनों तक के इलाज के लिए मान्य है। यह योजना देश की किसी भी श्रेणी की सड़क नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे या शहरी सड़कें पर हुई दुर्घटनाओं के लिए लागू है।
सड़क हादसों में मौत का सबसे बड़ा कारण समय पर इलाज न मिलना है। यह योजना ‘गोल्डन आवर’ (दुर्घटना के बाद का पहला घंटा) के दौरान तुरंत चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करती है ताकि अधिक से अधिक जानें बचाई जा सकें। दुर्घटना होने पर पीड़ित, चश्मदीद या कोई भी व्यक्ति 112 नंबर पर कॉल कर सकता है। इसके माध्यम से एम्बुलेंस सहायता और नजदीकी नामित अस्पताल की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। अस्पतालों को भुगतान सीधे मोटर वाहन दुर्घटना कोष से किया जाएगा। यदि वाहन का बीमा है, तो बीमा कंपनियां योगदान देंगी। हिट-एंड-रन या बिना बीमा वाले वाहनों के मामले में सरकार अपने बजट से खर्च उठाएगी।
हरदा जिले में पीएम राहत योजना के अंतर्गत वर्तमान में 6 निजी चिकित्सालय सम्बद्व हैं। जिले के अन्य निजी अस्पतालों को भी इस योजना के तहत जोड़ा गया है। कलेक्टर श्री सिद्वार्थ जैन ने बताया कि इस योजना का जिले में क्रियान्वयन पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से किया जा रहा है । इसके साथ हेलमेट संबंधी जागरूकता अभियान और सभी वाहनों का बीमा सुनिश्चित कराने का कार्यक्रम भी प्रारंभ किया जा रहा है।













